56 भोग से नही इन 9 छोटी सी चीजों से होगी माता रानी खुश:

दोस्तों आज यानी कि 7 अक्टूबर से नवरात्रों का पावन पर्व शुरू हो चुका है। आज से 9 दिन तक माता के भक्त माता को प्रसन्न करने में जुटे रहेंगे। नवरात्रों के 9 दिनों में मां नौ रूप में आती है। हर रूप की अलग विशेषता और अलग भोग चढ़ाना होता है।

बहुत से भक्त माता की मूर्ति लाते हैं बाजार से तो बहुत से माता का शृंगार लाते हैं माता को सजाने के लिए और उन को प्रसन्न करने के लिए। पहले से यह मान्यता चली आ रही है कि माता छप्पन भोग और महंगी महंगी मिठाइयों जैसी चीजों से प्रसन्न होती हैं। पर ऐसा असलियत में कुछ नहीं है माता छोटी मोटी चीज हो जैसे कि दूध भी और चीनी आदि से भी प्रसन्न हो जाती हैं।

1. पहला दिन माता का एक रूप शैलपुत्री होता है। इनको आप घी से बना हलवा या मात्र की भी अर्पण कर सकते हैं माता प्रसन्न होंगी।

2. दूसरा दिन माता का एक रुप ब्रह्मचारिणी का होता है। इनको आप अपनी क्षमता के अनुसार चीनी से बनाई हुई कोई भी भोग मां को अर्पण करके उनको पसंद कर सकते हैं।

3. तीसरा दिन माता का एक रूप चंद्रघंटा का होता है। इस दिन आप जितना दूध का दान करेंगे उतना आपको पुण्य प्राप्त होगा। और दूध का या दूध की किसी भी वस्तु का भी आप मां को भोग लगा सकते हैं।

4. चौथा दिन माता का एक रूप कुष्मांडा का होता है। इस दिन आप मां को मालपुए का भोग लगाएं मां आवश्यक प्रसन्न होंगी।

5. पांचवे दिन माता का एक रूप स्कंदमाता का होता है। इस दिन माता को आप केले का भूत चढ़ा कर प्रसन्न करने की कोशिश कर सकते हैं।

6. 6वा दिनमाता का एक रूप कात्यायनी का होता है। इस दिन मां को शहद का भोग लगाने से बल में वृद्धि होती है तथा मां प्रसन्न होती है।

7. सातवां दिन माता का एक रूप कालरात्रि का होता है। इस दिन ब्राह्मणों को दान करना चाहिए तथा माता को गुड़ का भोग लगाना चाहिए माता सभी संकट हर लेती हैं ‌

8. आठवें दिन हम सब गौरी मैया की पूजा करते हैं। मां को नारियल का भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं।

9. माता के पावन नवरात्रों का अंतिम दिन यानी कि नोवा 9. नवरात्रा मां सिद्धिदात्री का होता है। इस दिन आप कन्याओं को भोजन करवा सकते हैं चना पूरी हलवा इत्यादि और मन चाहे तो कुछ उनको उपहार या पैसे भी दे सकते हैं।

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