आखिर चीटिया अंधी होने के बावजूद एक ही लाइन में क्यू चलती है,जानने के लिए लिए क्लिक करे:

हम सब जानते है की हमारी दुनिया अजब गजब तथ्यों से भरी पड़ी है। दुनिया में बहुत सी ऐसी चीजें है जो अभी तक इंसान की बुद्धि से परे है। हो सकता है आने वाले समय में कई चीज का पता चले लेकिन अभी बहुत कुछ बाकी है।

आज तक इंसान ने चाहे अपनी बुद्धि के दाम पर विज्ञान की दुनिया में चाहे जितना भी विकास कर लिया हो। लेकिन अभी भी इस दुनिया में बहुत कुछ ऐसा जो इंसान को जानने में कई हजारों साल लगेंगे। जैसे की मान लीजिए आसान शब्दों में कहा जाए तो अगर इस दुनिया में समुंदर जितना ज्ञान है तो इंसान ने केवल अभी तक एक बाल्टी भर ज्ञान ही समेटा है। अभी पूरा समुंदर बाकी है।

आज मैं सुबह जब सौ रहा था तो मुझे अपने हाथ पर किसी चीज का चलना महसूस हुआ। तो जब मेने उठ कर देखा तो वो एक चिटी थी। तो मेने उसे अपने हाथ पर से हटा दिया और फिर से सोगाया।

लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे फिर से वैसा ही कुछ महसूस हुआ तो मैं फिर से उठा तो देखा मेरे बेड के दूसरे कोने से बहुत सारी चीटिया एक झुंड में बनाए खड़ी थी। और वह बेड को पर करते हुए दूसरी तरफ जा रही थी। और चौकाने वाली बात तो यह है की वह सब चीटियां एक ही सीधी लाइन यही पंक्ति में चल रही थी। उन चीटियो की लाइन एक दम सीधी थी। मानो उनको कोई सीखा कर गया हो।

वैसे कया आप लोगो को पता है चीटिया आंख और कान होने के बावजूद ना तो देख सकती है और ना ही वह सुन सकती है। यह देखते ही मेरे मन में आया आया ऐसा क्या है जो इनको एक ही लाइन में चलने में मदद करता है।

तो मेने इस बारे में अपने टीचर से पूछा तो उन्होंने बताया की खाने की तलाश में जब चीटिया अपने बिल से निकलती है तो उनकी रानी रास्ते में एक ‘फेरोमोनस’ नाम का केमिकल यानी रसायन छोड़ते हुए जाति है। जिसे सूंघते हुए बाकी सभी चीटिया अपनी रानी के पीछे पीछे चलते हुए जाति है। जिससे की चोटियों की एक लाइन बन जाती है और अपने बिल में भी वह इसी तरह से वापस जाति है।

अगर आपको यह रोचक तथ्य जानकर अच्छा लगा तो इसे ही रोचक तथ्य और मजेदार बाते जानने के लिए हमारा Telegram चैनल आज ही नीचे दी हुई लिंक के द्वारा ज्वाइन करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *