क्या रोना आपके लिए अच्छा है? जानिए रोने के फायदे- नुकसान !!

हम सब बचपन में रोया करते थे। पर अब जब हम बड़े हो गए हैं, हम अपने आंसूओं को बाहर नहीं दिखाते हैं खास कर की तब जब हम बाहर होते हैं, यह सोच कर की सिर्फ़ कमजोर लोगों का काम है रोना। पर करता यह सच है? या रोना सही मैं गुनकारी हैं। रोना कभी-कभी बहुत फायदेमंद माना जाता है। कुछ मनोवैज्ञानिक यह सलाह देते हैं कि हम बिना रोज खुश नहीं रह सकते हैं। “रोने से शरीर स्वस्थ हो जाता है” यह एक मनोवैज्ञानिक, स्टीफन साइडराफ यू.सी.एल.ए ,राउल वालेनबर्ग इंस्टिट्यूट ऑफ ऐथिक्स का दावा है। “किसी के रक्षक को कम करना, एक बहुत ही सकारात्मक चीज है। ऐसा तब होता हैं किसी फिल्म आपके दिल को छू जाती है और आप रोने लगते हैं….तब ही आप खुलकर जीते हैं….यह ताला और चाबी की तरह होता है।

जापानी रोने को इतना मानते हैं कि वे अब उसे एक दूसरे संयंत्र पर ले जा चुके हैं। वहां थोड़े शहरों में रोने के लिए करीब भी बनेंगे है जिसे वे लोग रूई- कटसू के नाम से जाने जाते हैं जहां लोग साथ में आकर रोते हैं और कोई उसे ग़लत नहीं लेते हैं। रोना थकान कम कर देता है और रोना मानसिक सेहत के लिए भी गुनकारी हैं। अनुसंधान इसका समाधान कर रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि अलग आंसूओं से अपने शरीर में अलग चिजे होती है। जैसे भाविक आंसूओं में ज्यादा तनाव होता है जबकि बेसल कम होता है। भाविक आंसूओं में तनाव हार्मोन एवं मान्गनीज़ ज्यादा पाए जाते हैं। तनाव अपने टेंशन को बहुत बढा देता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है, और जब आप रोते हैं तब यह भी कम हो जाता है, साइडराफ कहते हैं। पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका को सकि्या करता है। और शरीर को एक स्थिती में फिर से सही करता है।

साइडारफ यह भी कहते हैं कि रोने वाले क्लब में सांस्कृतिक वजह से भावनाओं को दिखाने के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को रोने के लिए एक सहायक, दोस्त और एक सुरक्षित जगह देते है। “यह एक अच्छा विचार है” वे लोग कहते हैं। एक साथ में रोने से, कोई नीचे नहीं दिखता हैं और यह भी समझाता है कि ऐसा करना कुछ ग़लत नहीं है। और बहुत लोगों के लिए यह गुणकारी भी बताया गया है और बहुत ही आसान भी माना जाता है।

यूं.सी.एल.ए में क्लिनीकल साइकियाट्री के प्रोफेसर जूडिथ आरलाफ और एम.डी. इमोशनल र्फिडम: लिबरेट योरसेल्फ फृम नेगेटिव इमोशंस और र्टांसफार्म योर लाइफ कहते हैं ” यह एक साथ रोना बहुत ही ज़रूरी और अच्छा है।” “यह और भी अच्छा जब आप पूरी तरह से सहज है और वहां उपस्थित हैं…. लेकिन मैं अपने ज्मरीज़ो को कहीं बाहर काम पर या और कही रोने की सलाह नहीं देता हूं।” और आरलाफ यह भी सुझाव देते हैं कि अपने को कोई ऐसी जगह ढूंढनी चाहिए जहां हम अपने आप यह सके जैसे बार्थूम या फिर कोई खाली र्कायालय। यदि आपने अपने दिन-प्रतिदिन के वातावरण में रोने के लिए सुरक्षित स्थानों की पहचान कर ली है तो रोने के डर के बिना – रोने के शारीरिक और पुरस्कारों को वापस पाना अपने लिए काफी आसान हो जाएगा।

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